Friday, January 22, 2021

Coffee Shop Chalte Hain (Hindi Poem)

 

चलो, आज कॉफी शॉप चलते हैं...

सोने जैसे चमकते टेबल्स

गद्दों जैसी मुलायम कुर्सियाँ

गरम-गरम कॉफी

और बर्गर, केक, पेस्ट्रीयाँ...

कुछ खाओगे?

भूख लगी है?

नहीं, खा तो नहीं सकते

हाँ, देख जरूर सकते हैं

तभी तो उनके और हमारे बीच

काँच की दीवारें बनाई हैं...


- अक्षर्मन

No comments:

Post a Comment