Thursday, September 1, 2022

Why this veil?

दोस्ती का पर्दा है बेगानगी
मुँह छुपाना हम से छोड़ा चाहिए

- मिर्ज़ा ग़ालिब



कशास लपविशी तोंड, संशय लोक, घेती पुन्हा-पुन्हा
अशीच येऊन भेट, जशी तू थेट, भेटीशी इतरेजना

- अक्षर्मन


 

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