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मंदार शिंदे
Mandar Shinde

Wednesday, August 3, 2011

दिल तोड़ दिया

कुछ तो दुनिया कि इनायात ने दिल तोड़ दिया
और कुछ तल्ख़ी-ए-हालात ने दिल तोड़ दिया
हम तो समझे थे के बरसात में बरसेगी शराब
आयी बरसात तो बरसात ने दिल तोड़ दिया

- सुदर्शन फ़ाकिर
(इनायात = एहसान; तल्ख़ी = कटुता)

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